लोकेश दीपा से इन्तहाई प्यार करता था । लेकिन दीपा थी कि उसके लाख समझाने, मिन्नत करने के बाद भी कहीं और ही अटकी हुई थी । दीपा के लिये अपने जुनून, अपने दीवानेपन के तहत लोकेश ने एक घाती कदम तो उठा डाला, लेकिन फिर उसकी किस्मत जैसे घड़ी की सुइयों के साथ अटक गई और एक वाहिद दस मिनट का वक्फा उसके जी का जंजाल बन गया !