शिवालिक इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर हरी भाई शाह पर बद इन्तजामी और निजी स्वार्थों के लिये की गयी हेराफेरियों के दर्जनों इल्जाम थे । जो मुनाफा शिवालिक के कर्मचारियों में बंटना चाहिये था, उसे एम डी के होते-सोते दोनों हाथों से उड़ा रहे थे । लेकिन धोखेबाज, बेईमान, मतलबपरस्त आदमी का एक ही अंजाम होता है । क्या वो तानाशाह एम डी भी उसी अंजाम को पहुंच पाया !