‘पेन किलर डॉट कॉम’ प्रत्यक्षतः एक डिटेक्टिव एजेंसी थी, जिनके पास दक्ष जासूसों की पूरी टीम मौजूद थी, लेकिन पर्दे के पीछे का सच कुछ और था। जासूसी की आड़ में स्याह को सफेद कर दिखाने में माहिर उस टीम के पास हर दर्द का इलाज था, जिसकी फीस अक्सर करोड़ों में हुआ करती थी, इसलिए कोई आम आदमी तो उनके ऑफिस में कदम रखने की भी जुर्रत नहीं कर सकता था।आप चोर हैं, डकैत हैं, रेपिस्ट हैं, मर्डरर हैं कोई बात नहीं, ‘पेन किलर’ को हॉयर की कीजिए, उनकी मोटी फीस चुकाईये और निश्चिंत हो जाइये। फिर आपका दर्द उनका सिरदर्द बन जायेगा, और आप साफ बचा लिए जायेंगे। चाहे उसके लिए कोई लाश गायब करनी पड़े, या किसी को बलि का बकरा ही क्यों न बनाना पड़ जाये, उनकी निगाहों में सब जायज था।क्लाइंट को बचाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकते थे, कानून क