
भारतीय उपखंड में सरस्वती सभ्यता से आज तक अनेकों घटनाएं घटी हैं जिनमें से कुछ को लिखा गया है लेकिन अनेको प्रसंग अज्ञात ही भुला दिए गए हैं। विदेशी आक्रांताओं के क्रूर आक्रमणों ने भी साहित्य और ज्ञान का लोप करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नदियों के किनारे गांवों तथा नगरों का बसना पुरातन काल से चला आ रहा है इसके उपरांत समुद्र देश-विदेश के साथ व्यापार वाणिज्य का महत्वपूर्ण माध्यम होने के कारण समुद्र तट पर भी मानव जीवन का विकास हुआ है। प्रभास क्षेत्र में हिरण्य, कपिला तथा सरस्वती जैसी पवित्र नदियों का संगम और समुद्र तट की सुविधा ने परापूर्व से ही प्रभास की भूमि पर नगर बसा दिया होगा।इस कथा संग्रह में प्रभास क्षेत्र से जुड़ी ऐसी ही कुछ लघुकथाएँ प्राचीन संदर्भों के माध्यम से